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पंचतंत्र कहानियाँ Hindi stories for kids panchatantra

हम लाये है आप के लिए panchtantra ki kahaniya या फिर कहे bachon ki kahaniyan in hindi इस आर्टिकल में आप को moral stories for childrens in hi...

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Wednesday, 20 June 2018

अच्छी सीख देने वाली 2 कहानिया story of panchtantra

इस पोस्ट में बच्चो के लिए एक बहुत अच्छी कहानी दी गयी है ये कहनी है एक मछुहारे और उसकी बीवी की.इस पोस्ट में बच्चो के लिए बहुत एक बहुत ही अच्छी  Hindi mai kahani दी गयी है.इस पोस्ट में panchatantra stories in Hindi और panchtantra ki kahaniya in Hindi book इसके साथ ही panchatantra stories in Hindi with moral दी गयी है.

कहानी-1 मछुहारा और उसकी पत्नी

एक मछुहारा और उसकी पत्नी एक पहाड़ पे रहते थे.एक बड़े सागर के करीब हर दिन मछुहारा पहाड़ी पे जाता और रोजगार के लिए मछली पकड़ता था .वो अपने इस जीवन से खुश था लेकिन उसको ये पता था की

उसकी पत्नी खुश नहीं है.वो हमेशा गुस्से में रहती थी.एक दिन मछुहारा घर आया और उसकी पत्नी ने कहा
"इस गन्दी कुटिया के तरह देखो ,इसकी बदबू  मुझे बीमार कर देती है.मै इसे रात दिन साफ़ करती हु लकिन ये साफ़ होती ही नहीं है."

मछुहारा अपनी पत्नी से बहुत प्रेम करता था लेकिन उसकी पत्नी ने कभी -भी शिकायत करना बंद नहीं किया.
उन अच्छे दिनों में जब मछुहारा 2 मछली पकड़ता तो उसकी पत्नी उस से 4 मछली मांगती ,अगर वो उसके लिए आम ले के आता तो वो सेब की मांग करती.बेचारा वो कुछ भी नहीं कर पाता था उसको खुश करने के लिए .

एक दिन वो मछुहारा मछली पकड़ने गया.पानी शांत और नीला था .मछुहारा उस गहरे समुन्दर में मछली का काटा डाल के बैठ गया.ऐसे ही कुछ घंटे निकल गये और थक गया लेकिन कोई मछली आज उसके कांटे में नहीं फसी.और वो सोचने लगा "मेरे ख्याल से आज हमे फल खा के ही गुजारा करना पड़ेगा "
तभी उसे लगा की उसके कांटे में कुछ फंसा है .जब उसने अपने कांटे को बाहर निकाला तो वो हैरान रह गया.ये बहुत ही खूबसूरत और चमकीली मछली थी .मछुहारा सोचने लगा आज मुझे चमकीली मछली मिली लेकिन ये इतना भारी कैसे है?शायद इसने बहुत जादा खा लिया है.
तभी मछली ने बोला "नहीं मछुहारे में इस वजह से बाकी मछलियों से भारी नहीं हु"
मछुहारा  चौक गया उसने बोला की तुम मुझसे बात कैसे कर सकती हो ?कही में सपना तो नहीं देख रहा हु?और तुम मेरे बारे में कैसे जानती हो?
तब मछली ने बोला "मै एक जादुई राजकुमार हु मुझे जाने दो वैसे भी में तुम्हे खाने में टेस्टी नहीं  लगूंगा कृपा मुझे मत मरो"मछुहारे ने उस मछली को छोड़ दिया मछुहारा  दौड़ा-दौड़ा गया और ये बात अपनी पत्नी को बताना चाहता था लेकिन वो ये बात भूल गया की आज उसके पास अपनी पत्नी को देने के लिए कोई भी मछली नहीं है.
उसके देखते ही उसकी पत्नी बोली क्या आज तुम कोई मछली नहीं लाये  मछुहारे ने कहा की "आज मैंने एक सुनहरी मछली पकड़ी थी जो बोलती थी उसने मुझे बताया की वो एक जादुई राजकुमार है और उसने मुझसे उसने कहा की मै उसको छोड़ और फिर मैंने से छोड़ दिया "
इस बात से उसकी पत्नी गुस्से से पागल हो गयी और उसने कहा की तुमने एक जादुई मछली को छोड़ दिया ,तुम पागल हो ,तुमे उस से एक घर मांग लेना चाहयिएथा सोना-चांदी मांग लेना था .मछुहारे ने कहा की हमे उसी में खुस रहना चाहयिए जो हमारे पास है लेकिन उसकी पत्नी उस पे बहुत गुस्सा थी और उसने कहा जा के एक बंगला मांगो उस से .


वो फिर से पानी के किनारे गया और उसने आवाज़ लगायी जादुई मछली क्या तुम मुझको सुन सकती हो.
और फिर मछली बाहर आ गयी
तब मछुहारे ने दुखी मन से कहा की मेरी पत्नी खुश नहीं है उसे  एक बंगला चाहयिए तब मछली ने कहा "वापस जाओ उसे बंगला मिल चूका है"
मछुहारा  भागते हुए घर गया और उसने देखा की उसका घर एक खूबसूरत बंगले में बदल गया है.

दोनों ने साथ में खाना खाया और सो गये उस पूरी रात पत्नी नहीं सो सकी क्यों की वो पूरी रात सोचती रही की वो कैसे खुस रहेगी.
अगले दिन सुबह ही उसने कहा की ये घर छोटा है मुझे एक महल चाहयिए मै रानी बनाना चाहती हु.उस मछली के पास जाओ और उस से बोलो हमे एक महल दे .
मछुहारे ने बहुत समझाया लेकिन वो नहीं मानीमछुहारा फिर से पानी के पास गया और उसने मछली को बुला के अपनी इच्छा बतायी मछली ने फिर से कहा की वापस जाओ उसे ये मिल चूका है

और जब मछुहारा घर आया तो उसने देखा की उसका घर एक महल में बदल चूका है.बहुत से नौकर भी थे वंहा पे .
फिर मछुहारे ने पूछा "अब तुम खुश हो?"लेकिन उसकी पत्नी अब भी खुस नहीं थी उसने कहा मुझे महारानी  बनाना है.
वो फिर मछली के पास गया और उसने इच्छा बतायी.मछली ने कहा वापस जाओ वो बन चुकी है

मछुहारे ने फिर से पूछा क्या तुम अब खुस हो?उसकी पत्नी ने कहा पता नहीं देखेंगे.फिर दोनों ने साथ में डिनर किया और सो गये .लेकिन पत्नी फिर से सो नासकी और पूरी रात जाग के सोचती रही की उसे क्या खुश करेगा?
एक हफ्ता निकल गया लेकिन मछुहारे की पत्नी को नींद नहीं आती थी और वो यही सोचती रहती उसे और क्या चाहयिए.और फिर सो गयी लेकिन तभी थोड़ी देर बाद सूरज निकल गया उसको बहुत गुस्सा आया और उसने अपने पति को जगा कर कहा की मै सूरज और चाँद को काबू करना चाहती हु.

इस बार जब मछुहारा गया तो वह बहुत तेज आंधी-तूफान आ रहा था उसने मछली को अपनी बात बतायी.
मछली ने फिर कहा तुम वापस जाओ अब वो सर्बशक्ति  मान बन गयी है.
वापस जाकर मछुहारे ने देखा उसकी पत्नी गायब थी.वो भागता हु मछली के पास गया और उसने पूछा मेरी पत्नी कहा है?
तब मछली ने कहा की और "वो अब सर्बशक्ति मान है और सर्बशक्ति  मान को आज तक
किसी ने नहीं देखा इसलिये वो अब अज्ञात है" .
तब मछुहारे ने उस मछली से निवेदन किया की वो उसकी एक इच्छा पूरी करे और उसने कहा मे चाहता की मेरी पत्नी हमेशा खुस रहे .
मछली के कहा वापस जाओ मेरे दोस्त उसके पास वो सब कुछ है जिस से वो खुश रहेगी .



जब मछुहारा वापस आया तो उसने देखा वह उसकी कुटिया थी और उसकी पत्नी उसके बाहर खड़ी थी और उसकी पत्नी ने बोलो मैंने ये जान लिया है की महल,धन-दौलत खुशी नहीं खरीद सकते है आओ हम साथ में खाना खाते है उस दिन के बाद से वो दोनों बहुत खुस रहने लगे पत्नी ने जान लिया था खुशी छुपी रहती
है सब सरल सी बातो में और फिर हमेशा खुशी से रहने लगी.
             

कहानी-2 सफेद सांप



बहुत साल पहले एक राजा एक राज्य पे राज करता था वहा पे लोग बहुत खुश थे वो राज्य पूरी तरह से खुशहाल राज्य था.

सब राजा को बहुत प्रेम करते थे और हसी-खुशी रहते थे.एक था जो ये जानता था की राज्य में ये सब जादू से हो रहा है.हर रोज खाने के बाद राजा को एक खास भरोसेमंद दास के जरिये उसे एक खास पकवान दिया जाता था
एक दिन उस दास ने सोचा आज वो पकवान देख के ही रहेगा की आखिर पे पकवान है क्या?
उसने पकवान को खोला और उसने एक सफ़ेद सांप देखा जिसे मार कर पकवान बनाया गया था .उसने एक टुकड़ा उठाया और खा गया तब उसने खिड़की के बाहर से आवाज़ सुनी.
2 चिड़िया  आपस में रानी के रिंग के खो जाने की बात कर रही थी जिसे झील में बतख खा गयी थी.दास ने  बतख को पकड़ा और उसे मार कर रानी की रिंग निकाल ली और उसने रिंग रानी को दे दी .

तब राजा ने उस से पूछा "तुम्हे क्या इनाम चाहयिए?."
तब उस दास ने कहा "मुझ एक घोडा और यात्रा खर्च के लिए कुछ पैसे चाहयिए मै कुछ दुरी तय करना चाहता हु इस दुनिया को देखना चाहता हु"
राजा ने उसे दे दिया.अब उस दास के पास जानवर की आवाज़ सुन ने की ताकत थी .दास खुशी से सवारी करते हुए जंगल में पंहुचा .वो 3 बेसहारा मछलियों के पास आया जो पानी के किनारे पड़ी थी .उस दयालु दास ने उन मछलियों को उठा के पानी में डाल दिया .


तब इन मछलियों ने उन से कहा "हम तुम्हरी दया को याद रखेंगे और इसका एहसान चुकायेंगे"
दास आगे बड जाता है तभी वो एक आदमी के चिल्लाने की आवाज़ सुनता है और एक पहाड़ के बाहर चीटियों के राजा को देखता है.

तब चीटियों का राजा बोलता है "कुछ  घमंडी घोड़े बहुत  शान से हमारे साथियों को अपने पैरो से दबाते हुए जा रहे हो "

तब दास निचे उतरकर उन घोड़ो को वंहा से भगा देता है
तब चीटी का राजा बोलता है "हम तुम्हारा ये नेक काम याद रखेंगे"
दास आगे बड जाता है फिर वो घने जंगल में पहुचता है और वो देखता है की 2 बुढे कैवे  अपने बच्चो को बचाने के लिए अपने से दूर फेक देते है.वे बच्चे डर कर  बहुत जोर से रोते है .दास अपने घोड़े से उतरता है और उन्हें खाने के लिए देता है.

तब वो बच्चे बोलते है "हम तुम्हे याद रखंगे एक भला काम अच्छाई का हक़दार होता है"
अब वो दास एक शहर में पहुचता जंहा राजा का एक घुड सवार सिपाही भीड़ के सामने घोषणा कर रहा होता है
"राजा की बेटी को पति चाहयिए जो भी कोई उसका हाथ थामना चाहता है उसको कठिन परीक्षा से गुजरना होगा अगर वो परीक्षा में असफल रहा तो उसे जीवन से हाथ धोना पड़ेगा"
वो दास महल के बाग़ में पहुच कर राजा की बेटी को देखता है और उस पर मोहित हो जाता है और राजा से मिलता है
और घोषणा करता है की में तुम्हरी बेटी से शादी करूँगा.दास को नाव में बैठा कर बीच समुन्दर ले जाया जाता है .राजा भी साथ आता है और राजा अपनी रिंग उठा कर बीच समुन्दर में फेक देता है.और शर्त की घोषणा करता है अगर तुम रिंग के बिना पानी से बाहर आये तो तुम्हे बार-बार  समुन्दर में फेक कर तुम्हे बहुत ही कड़ा
दंड दिया जायेगा.
दास परेशान हो कर पानी में देखता है तभी 3 मछलिय पानी से निकलकर उसको एक शीप देती है और जब दास उस शीप को खोलता है तो देखता है उसमे वो रिंग है .दास खुस हो जाता है और रिंग राजा को दे देता है.
लेकिन राजकुमारी बहुत गुस्से में होती है और उस से दूसरी शर्त रखती है गुस्से में राजकुमारी दास को बाग़ में ले जाती है जहा वो अपने  सैनिको से दस बोरी बाजरे को पुरे बाग़ में बिखेर देने को कहती है.

और कहती है "कल सुबह होने से पहले तुम्हे इन सब को इकठ्ठा करने होंगे इनमे से एक भी दाना नहीं छूटना चाहयिए"
दास दुखी हो कर बैठ जाता है और अपनी आंखे बंद कर लेता है .इसी तरह पूरी रात गुजर जाती है लेकिन जब सुबह उठकर देखता है तो चौक जाता है वो देखता है की सारे बाजरे की बोरिया भर गयी है.वो चीटी के राजा और उसके साथ हजारो चीटियो को देखता है वो सब कुछ समझ जाता है.खुशी से  राजकुमारी की तरफ देखता है जो ये सब देख कर हैरान है और वो उसके सामने एक शर्त और रख देती है और कहती है "तुम्हे मेरे लिए जीवन के पेड़ से सुनेहरा सेब लाना होगा "
दास परेशान हो कर सुनहरे सेब के तलाश पे निकल जाता है और बहुत दिन तक ऐसे ही भटक रहा होता है वो जानता ही नहीं है की जीवन का पेड़ कहा होता है.
वो थक जाता है और एक पेड़ के सामने आराम करने की सोचता है और आंखे बंद कर लेता है और सो जाता है .
लेकिन जब वो आंखे खोलता है तो देखता है की 3 कोंवे उसके घुटने के पास बैठे है और उसके पास में ही सुनेहरा फल है.

और वो बच्चे बोलते है "हम वही है जिन्हें तुमने भूख से बचाया था अब हम बड़े हो गये है और हमे पता चला की तुम्हे सुनहरे फल की जरूरत है तो ये हम तुम्हारे लिए लाये है."
वो खुशी से सेब ले कर राजकुमारी के पास आता है और उस सेब को देख कर राज कुमारी का दिल पिघल जाता है.राजकुमारी सेब को 2 भाग में काटती है और दोनों खाते है. उन दोनों की शादी हो जाती है और दोनों राजी खुशी रहते है.

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ये दोनों कहानिया इस you tube विडियो से ली गयी है अगर आप विडियो देखना चाहते है तो देख सकते थे
1.https://www.youtube.com/watch?v=nhqkaT1PAwQ&t=29s
2.https://www.youtube.com/watch?v=ea8HCGUzdF4

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