Facebook

Subscribe for New Post Notifications

Arquivo do blog

Categories

Ad Home

BANNER 728X90

Labels

Random Posts

Recent Posts

Recent in Sports

Header Ads

test

Popular Posts

Pages

Business

Fashion

Business

[3,Design,post-tag]

FEATURED POSTS

Theme images by Storman. Powered by Blogger.

Featured post

पंचतंत्र कहानियाँ Hindi stories for kids panchatantra

हम लाये है आप के लिए panchtantra ki kahaniya या फिर कहे bachon ki kahaniyan in hindi इस आर्टिकल में आप को moral stories for childrens in hi...

Featured

Tuesday, 3 July 2018

सुंदर होने का घमण्ड moral stories in Hindi

इस पोस्ट में आप को हमने positive thinking in hindi story और moral stories for childrens in hindi
दिये हुए है .इसके आर्टिकल में आप को 7 small moral stories in hindi में दिये हुआ  जिन्हें पढने के बाद
आप की सोच पॉजिटिव होगी.

मोरल कहानी-1 सुन्दरता 

बहुत पहले की बात है एक सेठ था जो उस  शहर का बहुत ही नामी और इज्ज़तदार इन्सान था उसकी एक बेटी थी जो बहुत सुन्दर लड़की थी .वो इतनी सुन्दर थी की जो भी उसे देखता था ,देखते ही उस पर मोहित हो जाता था ,लेकिन उस लड़की को बहुत जादा गुस्सा आता था और उसे अपने गुस्से पे बिलकुल भी कंट्रोल नहीं था वो कुछ-भी बोल देती थी बिना सोचे -समझे .
उसकी इस आदत से घर के सभी लोग  बहुत परेशान थे .फिर उस सेठ ने अपनी बेटी को सबक सिखाने
का मन बनाया और और बोला जब भी तुम्हे किसी के  ऊपर गुस्सा आये और तुम किसी से बुरी तरह बोलो  तो एक कील दीवार में लगा देना और कोशिस करना गुस्सा कम करने की लड़की तैयार हो गयी .
उसे जब भी गुस्सा आता और किसी को कुछ भला -बुरा  बोल देती तो एक कील दीवार में ठोक देती थी .
पहले दिन उसने दीवार में 20 कील ठोक दी.अब धीरे-धीरे दीवार में लगने वाली कील कम होने लगी .20 दिन में ही उस लड़की ने सब से बुरी तरह बोलना कम कर दिया अब वो सब से प्यार से बात करने लगी .


अब सेठ ने कहा अगर तुम्हे गुस्सा आये और फिर भी तुम किसी से अपशब्द ना बोले तो अपनी लगायी हुई कील में से एक कील तुम निकाल लेना.
लड़की ने अपने आप को बहुत कंट्रोल किया और 20 दिन के अन्दर सारी कील उस दीवार से निकाल दी आज लड़की बहुत खुस थी क्यों की वो जीत गयी थी .और खुशी-खुशी अपने पिता के पास आयी और बताया की मैंने सारी कील दीवार से निकाल दी.
फिर सेठ ने अपनी बेटी से पूछा बेटा एक बात बताओ क्या तुम्हे दीवार पहले जैसी सुन्दर लग रही है ?
लड़की ने कहा नहीं पापा जी दीवार में तो बहुत सारे निशान पड़ गये है .
पिता ने अपनी बेटी को समझाया इसी तरह जब किसी पर गुस्सा करती हो तो तुम्हारे रिश्तो में भी खराब निशान छूट ही जाते है.और एक दिन यही निशान रिश्तो को ख़राब कर देते है

मोरल:-हम सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहयिए.हम जिस पे गुस्सा करते है उस से बहुत उल्टा-सीधा कह देते है  और अपने रिश्तो को ख़राब कर देते है.गुस्सा करने की हम आदत बना लेते है और जिसको हम दबा सकते है उसी पे गुस्सा करते है .इसलिये आप पनी इस आदत को सही करे .

मोरल कहानी-2 घमंड

एक गरीब लड़का एक अमीर की बेटी से प्यार करता था .एक दिन उसने हिम्मत कर के अपने दिल की बात
उस लड़की को बता दी .

लड़की:तुमने ऐसा सोच कैसे लिया ?मै तुम्हे कभी प्यार नहीं कर सकती ,इसलिये बेहतर होगा की तुम
मुझे भूल जाओ और अपने लेवल की किसी लड़की से शादी कर लो.
वह लड़का उस लड़की को नहीं भुला पाया और 10 साल गुजर गये .एक दिन अचानक वह लड़का उसी लड़की से एक शॉपिंग माल में टकरा गया.लड़की उसे देखते ही पहचान गयी और उसे 10 साल पहले की घटना याद आ गयी.उस पर पैसे का गुरुर सवार था .
फिर उस लड़के को नीचा दिखने के लिए बोली ,hey तुम कैसे हो?मैंने शादी कर ली है और तुम्हे पता है मेरे पति की सैलरी कितनी है.5 लाख हर महीने क्या तुम भी इतना कमा सकते हो ?
इतने सालो बाद लड़की के मुँह से ऐसे शब्द सुनकर उसकी आँखों में  आंसू आ गये .
कुछ देर बाद उस लड़की का पति आया.इस से पहले की वह कुछ कह पाती उस लड़के को देख
कर उसका पति बोला:सर आप यहाँ ?ये मेरी पत्नी है.
फिर उसने कहा ये मेरे बॉस है मै इनके साथ 200 करोड़ के प्रोजेक्ट का हिस्सा हु और डिअर तुमे एक
बात बताऊ?मेरे बॉस एक लड़की से प्यार करते थे लेकिन उसका दिल नहीं जीत सके ,इसलिये उन्होंने
आज तक शादी नहीं करी.
ये सुनकर लड़की बहुत बड़ा झटका लगा और वो कुछ ना बोल सकी
मोरल:-अपने घमंड के कारण आज किसी को उसके हालत के लिए नीचा मत दिखाओ और उस कमतर मत समझो .

मोरल कहानी-3 बेटी और बहु

विदा होते समय बस एक यही आवाज़ सुनाई दे रही थी.भाई साहब आप परेशान न हो हम बहु नहीं
बेटी बनाकर ले जा रहे.
सुबह हुई और गाड़ी एक सजे हुए घर के सामने जा रुकी और जोर से आवाज़ आयी."जल्दी आओ बहु आ गयी"
सजी हुई थाली ले के एक लड़की दरवाजे पे थी ये दीदी थी जो स्वागत के लिए दरवाजे पे खड़ी थी और पूजा के बाद सबने एक साथ कहा "बहु को कमरे में ले जाओ"
भाबी को समझ नहीं आया कुछ घंटे पहले में बेटी थी फिर अब कोई बेटी क्यों नहीं बोल रहा है! बहु के घर से फ़ोन है बात करा दो.फ़ोन पर माँ थी "कैसी हो बेटा"
भाबी :ठीक हु माँ,पापा कैसे है ?,दीदी कैसी है? अभी तक रो रही हो क्या ?
माँ:सब ठीक है तुम्हरा मन लगा
भाबी:हा माँ लग गया
माँ से कैसे कहती की बिलकुल मन नहीं लगा ,घर की बहुत याद आ रही है फ़ोन रखते हुए माँ ने कहा देखो बेटा बहुत अच्छे लोग है  बहु नहीं बेटी बना के ले गये है ,बस तुम कोई गलती मत करना .

भाबी और ननद का जन्मदिन एक ही महीने में आता था .भाबी बहुत खुश थी साथ-साथ जन्मदिन मना लेंगे
और पहली बार ससुराल में जन्मदिन होगा .

सुबह होते ही घर से सब का फ़ोन आता है मन बहुत खुश था  और पति के मुबारक बाद देने से दिन
और अच्छा हो गया था .शाम होते-2 सब एक साथ हुए और बस केक कट कर दिया गया  और सासु माँ ने एक 100 का नोट दिया .सासु माँ का दिया हुआ ये नोट भाबी को बहुत अच्छा लगा.

जन्मदिन ना मन पाने का दुःख हुआ लेकिन फिर लगा शयद ससुराल में ऐसे ही होता होगा.अगले हफ्ते ननद का जन्मदिन आया सुबह से फ़ोन आने शुरु हो गये थे .सासु माँ ने भाबी  से कहा आज खाना अच्छा बनाना बेबी का जन्मदिन है.
शाम होते ही पुरे मोहल्ले भर के लोगो का घर पर खाने के लिए आगमन हुआ .सबने अच्छे से खाना खाया .
सासु माँ ने बेबी को 2100 रुपय दिये और कहा बिटिया तुम्हारे कपडे अभी उधार रहे.भाबी इस प्यार को देख कर बस मुस्कुरा रही थी की की पड़ोस की काकी ने पूछ लिया "बहु तुम्हरा जन्मदिन कब आता है"
भाबी बड़े प्यार बोली:काकी अभी पिछले हफ्ते ही गया है इसलिये साथ में दोनों ने माना लिया
किचेन में खाना बनाते हुए भाबी को ये बात समझ आ गयी .बटी बनाकर रखेंगे कह देने से बहु बेटी नहीं बन जाती है

मोरल कहानी-4  घर की लक्ष्मी

एक नई नवेली दुल्हन ससुराल में आयी.बेटा -बहु आपस में बातें कर रहे थे .दरवाजा खुला होने के कारण उनकी आवाज़ बाहर कमरे में बैठी माँ को भी सुनाई दे रही थी .
बेटा :अपने जॉब के कारण हम माँ का ध्यान नहीं रख पाएंगे ,उनकी देखभाल कौन करेगा?क्यों ना,उन्हें वृद्धश्रम में दाखिल करा दे .वहा उनकी देखभाल भी होगी और हम भी कभी-कभी उनसे मिलते रहेंगे .
बेटे की बात पर बहु ने जो कहा उसे सुनकर माँ की आँखों में आंसू आ गये .
बहु:पैसे कमाने के लिए पूरी जिंदगी पड़ी है ,लेकिन माँ का आशीष जितना भी मिले ,वो कम है
उनके लिए पैसे से जादा हमारा संग-साथ जरुरी है.मै अगर जॉब ना करू तो बहुत अधिक नुकसान नहीं होगा .
मै माँ एक साथ रहूंगी घर पर ही बच्चो को पढ़ाउंगी इस से माँ की देखभाल भी कर लुंगी .याद करो,तुम्हारे बचपन में ही तुम्हारे पिता नहीं रहे और घरेलु काम -धाम कर के तुम्हारी माँ ने तुम्हरा पालन -पोषण किया ,तुम्हे पढाया-लिखाया ,काबिल बनाया .
तब उन्होंने कभी भी तुम्हे पड़ोसन के पास तक नहीं छोड़ा ,और आज तुम ऐसी बात कर रहे हो .तुम कुछ भी कहो लेकिन माँ हमारे पास रहेगी और अंत तक रहेगी.
बहु के ये बात सुनकर माँ रोने लगती है ,और रोती हुई ,पूजा घर में पहुचती है
और हाथ जोड़कर कहती है ये भगवान आपने मुझे बेटी नहीं दी इसलिये आपको में भला -बुरा कहती थी
लेकिन आपने मुझे भाग्यलक्ष्मी दे दिया ऐसी बेटी देने के लिए आपका बहुत -बहुत धन्यवाद भगवान

मोरल कहानी-5  ज्ञान की बात 


एक लड़के ने शादी के 2 साल बाद परदेश जाकर नौकरी करने की इच्छा जतायी.पिता हाँ बोल दिया तो वह अपने गर्भवती बीवी को माँ-बाप के पास छोड़ कर नौकरी करने चला गया.
परदेश में बहुत सारा धन कमाया और 15 साल बाद जब उसको लगा उसने अच्छा-खासा पैसा कमा लिया 
तब उसकी लौटने की इच्छा हुए और पत्नी को पत्र लिख कर घर आने की सूचना दे दी.उसे जहाज में एक इन्सान मिला जो दुखी मन से बैठा था .सेठ ने उसकी उदासी का कारण पूछा तो उसने बताया की इस देश में ज्ञान की कोई कद्र नहीं है.मै यहाँ ज्ञान सूत्र बेचने आया था पर कोई लेने  को तैयार नहीं है.
सेठ ने सोचा इस देश में मैंने बहुत धन कमाया है .यह तो मेरी कर्मभूमि है.इसका मान रखना चाहयिए .उसने ज्ञान के सूत्र खरीदने की इच्छा जतायी .

उस इन्सान ने कहा -मेरे हर ज्ञान सूत्र की कीमत 500 सोने की मुद्रा है .
सेठ को सौदा तो महंगा लग रहा था लेकिन कर्मभूमी का मान रखने के लिए 500 मुद्राये दे दी.
इन्सान का पहला सूत्र दिया -कोई भी कार्य करने से पहले 2 मिनिट रुक कर सोच लेना चाहयिए.
सेठ ने सूत्र अपनी किताब में लिख लिया .कई दिन की यात्रा के बाद जब रात्रि  के समय अपने नगर पंहुचा तो उसने सोचा इतने दिन बाद घर आया हु क्यों न पत्नी को बिना बताये चुपके से उसके पास जाऊ और उसको चौका दू.
घर के रखवालो को मौन रहने का इशारा कर के सीधे अपने पत्नी के कमरे में गया तो वहा का नजारा देख कर 
उसके पांव के निचे की ज़मीन खिसक गयी.उसकी पत्नी के पास एक लड़का लेटा था .वो बहुत गुस्से में आ गया और सोचने लगा में विदेश में भी इसकी चिन्ता करता रहा और ये किसी और के साथ मजे ले रही है .मै दोनों को नहीं छोडूगा.गुस्से में उसें तलवार निकाल ली वार करने ही वाला था की उसे वो ज्ञान याद आया जो उसे 500 सोने की मुद्रा से मिला था ,कोई भी काम  करने से पहले 2 मिनिट सोच लेना .
उसने तलवार पीछे खिची जिस से तलवार एक बर्तन में टकरा गयी और उसकी आवाज़ से उसकी पत्नी जग गयी .वो पति को देख कर बहुत खुश हुई और बोली -आपके बिना जीवन सूना-सूना था .इंतजार में इतने साल कैसे निकल गये ये सिर्फ में ही जानती हु.सेठ तो पलंग पर सोये लड़के को देख कर कुपित था .
पत्नी ने लड़के से कहा -बेटा जाग तेरे पिता आये
है .लड़के ने झुक कर जैसे ही पिता के पैरो को छुआ माथे की पगड़ी गिर गयी और उसके लम्बे बाल बिखर गये
सेठ की पत्नी ने कहा :ये आप की बेटी है ,पिता के बिना इसकी मान को कोई आंच ना आये इसलिये इस को बचपन से ही पुत्र के सामान ही पला है और संस्कार दिये है.


सेठ के आंसू गिरे जा रहे थे और सोचने लगा की आज गुस्से में कितना बड़ा अनर्थ हो जाता ,मेरा पूरा परिवार खत्म हो जाता .मेरे हाथो से मेरा परिवार आज मारा जाता .
ज्ञान का यह सूत्र उसे उस दिन बहुत महंगा लगा था लेकिन आज उसको लग रहा था ,वो कीमत कुछ नहीं थी 

मोरल कहानी-6  आज का जबाना

एक बड़ी कंपनी के गेट के सामने एक समोसे की दूकान थी .लंच टाइम में अक्सर कम्पनी के 
लोग वहा आकर समोसे खाया करते थे .एक दिन एक मेनेजर समोसे खाते-खाते मजाक के मूड में आ गया और कहा"यार कालू तुम्हरी दूकान को तुमने बहुत अच्छे से साफ़-सुथरी रखा लेकिन क्या तुम्हे नहीं लगता तुम अपना टाइम और टैलेंट समोसे बेच कर बर्बाद कर रहे हो?"
सोचो अगर तुम इसी तरह किसी कम्पनी में काम कर रहे होते तो आज कहा होते ,हो सकता है शायद आज तुम भी मेनेजर होते मेरी तरह .
इस बात पर समोसे वाले ने कहा "सर ये मेरा काम आप के काम से कही बेहतर है .10 साल पहले जब में टोकरी में समोसे  बेचता था तभी आपकी जॉब लगी थी  तब मै महिना 1000 कमाता था और आप की पगार 10000 थी .इन 10 सालो में हम दोनों ने खूब मेहनत की ,आप मेनेजर  बन गये  और में टोकरी से दुकान पे आ गया .आज आप महीना 50000 कमाते है  और मै हर महीना 2,00000  लेकिन इस बात के लिए मै मेरे काम को आपके काम से बेहतर नहीं कह रहा हु .


ये तो मै बच्चो के कारण कह रहा हु .जरा सोचो सर मैंने तो बहुत कम कमाई पर धंधा शुरु किया था मगर 
मेरे बेटे को ये सब नहीं झेलना पड़ेगा  मेरी दुकान मेरे बेटे को मिलेगी.
मैंने जो मेहनत की उसका लाभ मेरे बच्चे उठाएंगे और आप ने जो मेहनत की उसका लाभ आपके 
मालिक के बच्चे उठाएंगे ."
मेनेजर साहब ने समोसे वाले को 2 समोसे के 20 रुपय दिये और वहा से खिसक लिए 

मोरल कहानी-7   रस्सी का सांप कैसे बना देते है

एक दरोगा जी थे जो अपने पड़ोस के नाई से हमेशा दाड़ी और बाल और कटवाते थे .वो नाई बहुत ही मुँहफट था कुछ भी बोल देता था .
एक बार उस नाई ने दरोगा जी से पूछ लिया साहब ये पुलिस वाले रस्सी का सांप कैसे बना देते है
पहले तो दरोगा ने बात को अनसुना कर दिया लेकिन वो नाई बार-बार दरोगा के ऊँगली करने लगा इस बात को लेकर.

तब दरोगा ने सोचा की इस साले को बताना ही पड़ेगा .तब दरोगा ने कहा की मै जब दुबरा आऊंगा तब बताऊंगा की कैसे होता है और दरोगा जी उसकी दूकान से चले गये इतनी ही देर में 5 सिपाही आते है उस नाई की दूकान में और कहते है की हमे सूचना मिली है की तुम गांजा,चरस और हथियार बेचते हो तलाशी लेनी है तुम्हरी दुकान की .

फिर वो सिपाही उसकी दुकान में तलाशी लेने लग जाते है इतनी ही देर में एक सिपाही अपनी जेब से चरस और एक गन रख देता है उसकी दुकान में और जोर -जोर से शोर मचा के कहने लगा साले तस्करी करता है,हथियार बेचता है ,नशीले चीजों का सौदा करता है. चल थाने तेरा दिमाग सही करते है ,सही -सही बता कितने साल से कर रहा है और कौन है तेरे साथ में ?,कितने लोग है तेरे साथ में,गैंग का नाम क्या है ?
नाई तो डर के कापने लगा था.
 सिपाही उसे थाने ले जाते है जहा पे दरोगा जी बैठे थे ,नाई उनके पैरो पे गिर पड़ा और रोने लगा और बोला "साहब मैंने कुछ नहीं किया है पता नहीं कहा से ये सब मिला इनको पता नहीं किसने रख दिया मेरे दूकान में किसी ने मुझसे दुश्मनी निकली है "


दरोगा ने बड़े प्यार से कहा "कुछ नहीं होगा मै देख लूँगा लेकिन ये साले सिपाही बहुत हरामी है अगर मैंने कुछ भी किया तो ये बड़े साहब से मेरी शिकायत कर देंगे  तू एक काम कर इनको 30-40 हज़ार दे के निपटा दे बाकी मै देख लूँगा "
नाई रोने लगा साहब "मुझ जैसे गरीब के पास इतना पैसा कहा होगा"
दरोगा ने कहा "अच्छा कितना कर देगा बेटा"
नाई ने कहा "20-25 हज़ार कर दूंगा"
दरोगा:चल इतना ही कर दे बाकी मै अपने पॉकेट से इन को दे दूंगा तू तो अपना आदमी है .नाई थोड़ी देर बाद दरोगा के पास जाता है और 20000 देता है
दरोगा:ये पैसे कहा से लाया
नाई:गहने बेच के
उस सेठ के पास ले चल उसकी दुकान दिखा .
दरोगा दूकान में जा कर सेठ को अदब में लेता है चोरी का माल बेचते और खरीदते हो और सिपाही से कहते है पकड़ो इसको ले चलो थाने अन्दर करो इसे.
सेठ दरोगा को साइड में ले जाकर 1 लाख में मामला सेटल करता है और दरोगा बेचे हुए गहने भी ले लेता है .
तब नाई से पूछता है अब पता चला तुम्हे पुलिस वाले रस्सी का सांप कैसे बना देते है
आज कल भी यही हो रहा है सरीफ इन्सान परेशान है और चोर लोग खुस है 

इस तरह की और कहानिया पढ़े

0 on: "सुंदर होने का घमण्ड moral stories in Hindi"