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Wednesday, 22 August 2018

रजत शर्मा के बुलंद होसलों की कहानी inspirational stories in hindi

अगर आप भी अपनी life में success होना चाहते है तो story of successful person in hindi या real life inspirational stories in hindi में पढ़े और कुछ सीख ले जिससे आपकी लाइफ में भी success हो success in hindi में भी पढ़ सकते है और inspirational stories in hindi for students या success story in hindi  में read करें और आगे अपनी life में बढ़े तरक्की  करें.




रजत शर्मा :-

''बेटा! किसी दुसरे के घर में किसी तीसरे को टीवी पे देखने जाते हो अगर दम है तो कुछ ऐसा करो की तुम टीवी पर जो लोग तुम्हे देखे''. 
यही वो line थी जिसे सुन के एक गरीब परिवार के बच्चे को टेलीविज़न का जाना माना चेहरा बना दिया ये जो बच्चा था वो है रजत शर्मा जिनका show AAP KI ADALAT कई सालों से बहुत फेमस है और इस show में उनका question पूछने का अंदाज कुछ ऐसा होता है की उनके हर सवाल का जवाब भी मिल जाय और कोई बुरा भी ना माने लेकिन इतना फेमस होने की वजह उनके शुरूआती जीवन के बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे.
जिन्होंने बहुत ही गरीबी में अपना जीवन बिताया एक छोटे से कमरे में अपने बड़ी सी family के साथ गुजारा किया और रेलवे स्टेशन की लाइट में उन्होंने पढाई की लेकिन किसी ने सच ही कहा है ''वो सफलता ही क्या जो बिना संघर्ष के मिल जाए'' जो लोग अपनी लाइफ में जितना स्ट्रगल करते है वो अपनी लाइफ में उतना ही आगे जाते है.


रजत शर्मा का जन्म 18 february 1957, Delhi में हुआ वे अपने माता पिता 5 भाई और एक बहन के साथ पुरानी Delhi के सब्जी मंडी के पास एक छोटे से मकान में रहते थे और उसे मकान कहा जाय या नही क्यूंकि वो सिर्फ 100 square feet का ही था जहाँ पर 9 लोग सो भी नहीं पाते थे तो इस वजह से एक के उपर एक तखत लगाकर सोना पड़ता था ना तो बिजली की व्यवस्था थी और ना ही पानी मिलता था इसलिए नहाने के लिए उन्हें municipality के नल पर जाना पड़ता था और कई बार तो खाना भी नहीं मिल पाता था.
पढ़ाई के लिए वे रात को station जाते और ये पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे क्यूंकि उनको पता था की अगर इस गरीबी से छुटकारा पाना है तो इसका एक ही इलाज है पढाई करना जिससे की आगे चलकर उनको अच्छी जॉब मिल सके और उन्होंने अपनी starting की study पास ही के एक municipalities स्कूल सनातन धरम स्कूल से की और उस time बहुत कम लोगो के पास टीवी हुआ करती थी तो जाहिर सी बात है की रजत की family टीवी भी afford नहीं कर सकती थी लेकिन रजत को टीवी देखने का बहुत शौक था  इसलिए रजत अपने पड़ोसी के घर टीवी देखने जाते थे और उस जमाने में आधी फिल्म Saturday को आती थी और अधि फिल्म Sunday को आती थी

 तो रजत जी ने Saturday को फिल्म देखि हुई थी लेकिन जब वे Sunday को फिल्म देखने गए तो उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया फिर जब वे अपने  घर वापस लौटे तो उनके आँखों में आंसू थे तो उनके पिता जी ने पूछा क्या हुआ उन्होंने कहा की शहीद भगत जी की movie थी आधी देखि हुईं थी और आज जब में देखने गया तो दरवाजा बंद कर लिया तो उनके पिताजी ने कहा ''बेटा! किसी दुसरे के घर में किसी तीसरे को टीवी पे देखने जाते हो अगर दम है तो कुछ ऐसा करो की तुम टीवी पर आओ जो लोग तुम्हे देखे''.
बस ये बात रजत ने अपने मन में ठान ली की वे कुछ न कुछ जरूर करके दिखाएंगे आगे चलकर रजत ने Karol Bagh के रामजस स्कूल में पढाई की और वे पैदल ही जाते थे लेकिन जब बारी आई collage में पढाई करने की तो उनके पास उतने पैसे नही थे की वो अपनी fees भर सके तभी उनके senior अरुण जेटली ने उनकी help करी और रजत ने भी बच्चो को पढाना start कर दिया और जिन अरुण जेटली की बात की है वे भारत के finance minister है.
इस तरह से रजत ने  Shree Ram College Of Commerce से अपनी graduation और post graduation complete की और साथ ही वे अपने कॉलेज के time ही JP movements से भी जुड़े थे जिस वजह से emergency लगने के बाद कुछ महीने उन्हें तिहाड़ jail में बीतानी पड़ी.
college complete हो जाने के बाद वे job की तलाश करने लगे और तब उनकी मुलाकात हुई Journalist Janardan Thakur जी से जिन्होंने उसी time ABP (ANANDA BAZAR PATRIKA) छोड़ी थी और  एक syndicate column लिखने की तयारी कर रहे थे  Janardan ने रजत को एक research के तौर पर heir कर लिया और उन्हें 400 रूपए महीने की सैलरी देने लगे तभी रजत ने उनके लिए research किये हुए कुछ topic को use करने के लिए उनसे permission मांगी और उन्ही information के जरिये उन्होंने onlooker के लिए अपनी पहली story लिखी जिसके लिए उन्हें सिर्फ 300 रूपए मिले और उनका इस field में interest और भी ज्यादा बढ़ गया.
आगे चलकर 1982 में onlooker ही join कर ली जहाँ उन्हें एक trainee reporter के तौर पर शामिल किया गया था लेकिन 2 साल के अन्दर ही अपनी काबिलियत और मेहनत के दम पर वे bureau chief बन गए और इस तरह से धीरे-धीरे रजत की लाइफ पटरी पर लौट चुकी थी.
रजत शर्मा की लाइफ में सबसे बड़ा turning point 1992 में आया जब Delhi से Mumbai की flight में उनके कॉलेज friend  "Gulshan Grover" ने उन्हें Zee network के chairmen सुभाष चंद्रा से मिलाया तभी बातचीत के दौरान उनके दीमाग में अदालत की तरह interview लेने का idea आया वेसे तो रजत print media में बहुत काम कर चुके थे मगर टीवी में काम करना उनके लिए बिलकुल ही नया था लेकिन उन्होंने बहुत अच्छे से इस काम को किया.
14 मार्च 1993 में AAP KI ADALAT का पहला episode telecast किया गया जिसमे लालू प्रशाद यादव guest थे और time उनकी प्रसिधी चरम पर थी और यही से ये show धीरे-धीरे करके इतना फेमस हुआ की रजत एक star बन गए और फिर 2004 में उन्होंने खुद का एक news channel start किया भले ही starting के दिन उनके लिए अच्छे नही रहे यहाँ तक की उन्हें अपनी properties बेच कर employees को सैलरी देनी पड़ी लेकिन अपनी strategy में बदलाव लेन के बाद India tv बहुत जल्द देश की सबसे बड़ी news channel में शामिल हो गई और रजत शर्मा ने भी AAP KI ADALAT show अपने channel पर शिफ्ट कर दिया.
2015 में उन्हें भारत सरकार ने शिक्षा और साहित्य में योगदान के लिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पदम् विभूषण से सम्मानित किया.

आशा करते है रजत शर्मा जी की story read करने के बाद आपको जरूर  inspiration मिली होगी.

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